शायद आप माने नहीं लेकिन जितना ज़रूरी एक इंसानी शरीर के लिए खाना-पीना है उतना ही ज़रूरी हमारे लिए हँसना-बोलना और समय-समय पर आराम करना, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी का आलम ये हो गया है कि हम सिर्फ और सिर्फ अपने काम में सीमित होकर रह गए हैं. इसका अंजाम ये हुआ है कि हमें हमारे लिए ही टाइम नहीं मिल पता, लेकिन आपकी इसी समस्या को दूर करने के लिए हम आपके दिन की अच्छी शुरुआत के लिए कुछ ऐसे मज़ेदार जोक्स लेकर आये हैं जिसे पढ़कर आपका भी दिन बन जायेगा.

हाँ लेकिन यहाँ कुछ जोक्स थोड़े एडल्ट भी हैं ऐसे में हमारा आपसे अनुरोध है कि इन्हें आप बच्चों से दूर रहकर पढ़ें.
पहला जोक: एक जापानी कहावत है कि अगर वो कर सकता है तो मैं भी कर सकता हूँ. अगर कोई भी नहीं कर सकता तो मुझे ज़रूर करना चाहिए.
लेकिन इसी बात पर भारतीय सोच के अनुसार अगर वो कर सकता है तो उसे करने दो. अगर कोई भी नहीं कर सकता तो फिर मैं कौन सा जेम्स बॉन्ड हूँ?
दूसरा जोक: लड़का: मैं उस लड़की से शादी करूँगा जो मेहनती हो, सादगी से रहती हो, घर तो संवारकर रखती हो और आज्ञाकारी हो.
प्रेमिका: मेरे घर आ जाना, ये सारे गुण मेरी नौकरानी में हैं.

तीसरा जोक: बनाना ही है तो खिचड़ी के बजाय कसम को राष्ट्रीय भोजन बनाया जाये. देश में सबसे ज्यादा वही खाई जाती है.
चौथा जोक: पत्नी मायके से वापिस आई
पति दरवाज़ा खोलते हुए ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा.
पत्नी: ऐसे क्यूँ हंस रहे हो?
पति: गुरूजी ने कहा था जब भी मुसीबत सामने आये उसका सामना हँसते हुए करो

पांचवा जोक: साली बाथरूम से नहाकर निकली तो उसका जीजा उसे घूरने लगा.
साली ने रोमांटिक अंदाज़ में कहा: “क्या इरादा है जीजाजी?”
जीजा ने पास आकर उसे जोर से दो थप्पड़ मारा और बोला “मेरे गर्म पाने से क्यूँ नहाई?”
छठा जोक: पत्नी बाथरूम से पति को आवाज़ लगाती है
पत्नी: जानू मैंने साबुन लगा दिया है ज़रा आकर रगड़ देना ना प्लीज़.
पति: जी आया
पत्नी: जल्दी आओ न जानू.
पति: (बाथरूम में जाता है और रोमांटिक अंदाज़ में कहता है)
कहाँ रगड़ना है बताओ?
पत्नी: ज्यादा दिमाग मत चलाओ, मैंने कपड़ों में साबुन लगा दिया है इन्हें अच्छे से रगड़ दो.
दोस्तों आपको भी ये जोक अच्छे लगे हों तो इन्हें आगे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलियेगा. याद रखिये अगर आप खुश रहेंगें तो स्वस्थ रहेंगे.
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