सास बहु में लड़ाई दूर करने के बहुत ही अचूक उपाय - Upyogi Jankari

Tuesday, 29 May 2018

सास बहु में लड़ाई दूर करने के बहुत ही अचूक उपाय



  • सास बहु में अच्छे सम्बन्ध बनाने के लिए दोनों की एक साथ में हँसती मुस्कुराती तस्वीर को खूबसूरत फ्रेम में लगवा ले। फिर इसे घर के नैत्रत्य कोण अथवा पश्चिम दिशा में लगा ले , दोनों के बीच में कभी भी मतभेद नहीं होंगे, आपस में प्रेम बना रहेगा ।
  • यदि घर में रसोई / किचेन गलत जगह में बना है तो भी सास-बहु में मतभेद ( sas bahu me matbhed ) होने ही है । रसोई में यह ध्यान दें कि आग और पानी पास पास ना हो , जल सम्बन्धी कार्य रसोई की उत्तर दिशा में और गैस,  रसोई की आग्नेय दिशा ( पूर्व दक्षिण ) में रखनी चाहिए । अगर रसोई में दोष हो तो रसोई की दक्षिण दिशा में यज्ञ करते हुए ऋषियों की तस्वीर लगा ले । इस उपाय को करने से सास बहु में मतभेद बिलकुल भी नहीं होंगे ।
  • यदि घर में सास बहु के मध्य टकराव रहता है तो मंगलवार को सूजी का हलवा बनाकर उसको मंदिर के बाहर बैठे गरीबों में बाँटना चाहिए । इससे सास बहु के मध्य सम्बन्ध मधुर होते है ।
  • घर में सुख शांति के लिए बहू को चाहिए की सूर्योदय से पहले घर में झाडू लगाकर कचड़े को घर के बाहर फेंके, यह किसी काम वाली बाई से भी करा सकते है ।
  •  ग्रहस्थ जीवन में पत्नी को हमेशा पति के बायीं और ही शयन करना चाहिए इससे पति और पत्नी के मध्य प्रेम बना रहता है ।
  •  यदि किसी महिला की सास या  ससुर उससे नाराज रहता हो तो वह महिला प्रतिदिन जल में गुड़ मिलाकर सूर्यदेव को अध्र्य दे तो उसकी यह समस्या दूर हो जाती है।
  •  कहते है जो सास अपनी बहु को अपनी बेटी मानती है , उसे अपनी बेटी की तरह ही लाड़ प्यार करती है उसकी स्वयं की बेटी का भी दाम्पत्य जीवन सदैव सुखमय रहता है। उससे देवता भी प्रसन्न रहते है , उसका और उस घर के बुजुर्गो का स्वास्थ्य ठीक बना रहता है। वह जीवन के अंतिम समय तक भी बिस्तर पर रोगी बनकर नहीं रहते है अर्थात उनका शरीर उनका साथ देता है।
  • इसी तरह जो बहु अपने सास ससुर की अपने माता पिता के तरह सेवा करती है उसके स्वयं के माता पिता को कोई भी कष्ट नहीं उठाना पड़ता है। उनका बुढ़ापा बहुत आसानी से हँस खेल कर कट जाता है । 
  • जो बहु अपने सास ससुर और ससुराल वालो के साथ मिल कर रहती है उनका ध्यान रखती है उनका दिल नहीं दुखाती है, अर्थात घर में प्रेम और हर्ष के बीज को लगाकर उसकी देखभाल करती है 

  • उसे पौधे और वृक्ष का रूप देती है उसके पति - बच्चो पर कोई भी आकस्मिक विपदा नहीं आती है, उस परिवार में धन की कोई भी कमी नहीं होती है और उस स्त्री और उसके पति से रोग दूर दूर ही रहते है। उस परिवार के बच्चे भी उस प्रेम और सदभाव के वृक्ष की छावं में बड़े होकर अपने माता पिता के आज्ञाकारी होते है, उनकी सेवा करते है, अंत तक उनके साथ रहते है और उन्हें कोई भी कष्ट नहीं होने देते है। 
  • शास्त्रों के अनुसार जब सुहागिन स्त्री का निधन होता है तो उसकी सास और उसकी सास की सास ( वहाँ पर बहु के मायके से कोई भी नहीं होता है ) 
  • उसे वैतरणी नदी ( शास्त्रों के अनुसार वैतरणी नदी में बहुत भयानक जीव जंतु होते है जो मृतात्मा के शरीर को नोच नोच कर खाते है ) से पार कराने के लिए आती है  और उस समय उस बहु के सारे कर्म वहीँ पर खुल कर सामने आते है। अगर बहु का व्यवहार अच्छा है तो वह अपनी सास और उनकी सास के साथ आसानी से वैतरणी को पार कर लेती है अन्यथा उसे घोर कष्ट मिलते है । 
  • अत: यह स्पष्ट है कि सास और बहु दोनों को ही आपस में मिलकर रहना चाहिए , एक दूसरे की कमियों को नहीं देखना चाहिए , गलतियाँ नहीं निकालनी चाहिए, अगर कोई परेशानी हो भी तो आपसे में मिलकर या यहाँ पर बताये हुए उपायों को चुपचाप करते हुए सम्बन्ध अच्छे बना कर रखना चाहिए ।
  • यदि सास और बहु में पटती नहीं है तो बहु सास को 12 लाल और 12 हरी काँच की चूड़ियाँ प्रसन्न मन से भेंट करें , इस उपाय से सास का मन बदल जायेगा और सास अपनी बहु की सहेली बन जाएगी। 
  • अगर बहु को सास की तरफ से समस्या है तो बहु सास से मधुर सम्बन्ध बनाने के लिए एक भोज पत्र पर लाल चन्दन की स्याही से सास का नाम लिखकर उसे शहद में डिबो कर उसे रविवार को छोड़कर किसी भी दिन सूर्यास्त से पहले पीपल के पेड़ के नीचे गाड़ दें और पीपल देवता से अपनी सास से सम्बन्ध अच्छे हो जाने के लिए प्रार्थना करें।  इस उपाय से आपकी सास आपकी तरफ प्रेम भाव रखने लगेगी ।
  • यदि किसी घर में सास बहु के बीच में झगड़ा बना रहता है तो बहु को माँ दुर्गा अथवा माँ गौरी को सुनहरी जरी वाली लाल साड़ी चढ़ा कर उसे अपनी सास को भेंट करना चाहिए , इससे दोनों के बीच सम्बन्ध मधुर होंगे । यह उपाय सास भी अपनी बहु से कर सकती है । 

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