कलर ब्लाइंड मार्क जुकरबर्ग
ये तो सभी जानते हैं कि 4 फरवरी 2004 को मार्क जुकरबर्ग ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया साइट फेसबुक को लॉन्च किया था। लेकिन क्या आपको पता है कि फेसबुक में सबकुछ नीले रंग का ही क्यों है। ये राज मार्क जुकरबर्ग ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद खोला था। उन्होंने बताया था कि एक ऑनलाइन टेस्ट के दौरान उन्हें पता चला कि वो कलर ब्लाइंड यानि रंग अंधता के शिकार हैं। उन्हें लाल और हरे रंगो के शेड में फर्क नहीं पता चलते। वहीं नीला रंग उन्हें बहुत साफ और बेहतर नजर आता है। यही वजह है कि फेसबुक वेबसाइट की हर एक चीज नीले रंग के तमाम शेड्स में नजर आती है।
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पैदाइशी जीनियस
वैसे आप जुकरबर्ग की रंग अंधता की समस्या को योग्यता से ना जोड़ें वो जन्मजात प्रतिभाशाली हैं। जब मार्क हाईस्कूल मे पढ़ रहे थे तभी अमेरिका या कहें कि दुनिया की दो बड़ी ऑनलाइन कंपनियां एओएल और माइक्रोसाफ्ट ने उन्हें अपने यहां नौकरी देने की पेशकश की थी क्योंकि उसी उम्र में वे एक आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस प्रोग्राम साइनेप्स बना चुके थे जो लोगों की संगीत सुनने की आदतों को अपने आप पहचान लेता था।
प्यार की खातिर
फेसबुक पर बीते साल तक ब्लॉक ना किए जा सकने वाले जुकरबर्ग ने अपनी प्रिय पत्नी के प्यार में चाइनीज भाषा तक सीखी और वे पूरी तरह शाकाहारी हैं। मजेदार बात ये हैं कि जुकरबर्ग हर जगह सिर्फ ग्रे रंग की शर्ट और टी शर्ट में ही नजर आते हैं। शायद इसकी वजह उनकी रंग अंधता की समस्या ही हो। वैसे वो कहते हैं कि वे कपड़ों के रंग चयन में अपना समय नष्ट नहीं करना चाहते।
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